बड़वानी, 07 जनवरी 2026।
बड़वानी जिले की राजपुर पुलिस ने चिन्दी घाटी में हुए सनसनीखेज अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए मानवता को शर्मसार करने वाली घटना का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने मृतक के सगे पिता और जीजा सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मजदूरी के महज 15 हजार रुपये के लेनदेन और एक पुराने विवाद को लेकर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था।
क्या था मुख्य अपराध और हत्या का कारण?
जांच में यह बात सामने आई कि मृतक करमसिंह और आरोपियों के बीच 15,000 रुपये के लेनदेन का पुराना विवाद चल रहा था। साथ ही, छेड़छाड़ की एक पुरानी घटना को लेकर भी आरोपियों के मन में रंजिश थी। इसी रंजिश के चलते मृतक के पिता सोमारिया और जीजा सीताराम ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर करमसिंह को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पाइप में छुपाया था क्षत-विक्षत शव
24 दिसंबर को आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से करमसिंह को घाघरखेड़ा बुलाया। वहां से उसे चिन्दी घाटी के पास सुनसान जंगल में ले जाया गया, जहां आरोपियों ने पत्थर और चाकू से हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए उन्होंने शव को सड़क किनारे पुलिया के पाइप में ठूंस दिया और फरार हो गए।
महाराष्ट्र से दबोचे गए आरोपी
पुलिस अधीक्षक बड़वानी श्री जगदीश डावर के मार्गदर्शन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेहियों को हिरासत में लिया। सघन पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। घटना के बाद कुछ आरोपी महाराष्ट्र मजदूरी करने भाग गए थे, जिन्हें पुलिस ने कड़ी घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू और बाइक भी बरामद कर ली गई है।
पुलिस टीम की सफलता
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में एएसपी श्री धीरज बब्बर, एसडीओपी श्री महेश सुनैया और राजपुर थाना प्रभारी विक्रमसिंह बामनिया के नेतृत्व वाली टीम की विशेष भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है।




