आलीराजपुर, 11 जनवरी 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (रफीक कुरैशी, ब्यूरो रिपोर्ट)
आलीराजपुर नगर के वैष्णव धाम पर आयोजित शिवमहापुराण कथा के छठे दिन भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैष्णव ग्रुप द्वारा आयोजित इस भव्य कथा में अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित पुष्पानंदन जी महाराज (पवन तिवारी जी, कांटाफोड़ वाले) ने व्यासपीठ से संस्कारों और मर्यादाओं की सीख देते हुए श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
तुलसी-सालीग्राम विवाह का हुआ भव्य आयोजन
कथा के छठे दिन पाण्डाल उस समय विवाह उत्सव में बदल गया जब मंत्रोच्चार के साथ तुलसीजी और सालीग्रामजी का मंगल विवाह संपन्न हुआ। पूरे पाण्डाल को आकर्षक गुब्बारों से सजाया गया था। तुलसीजी और सालीग्रामजी ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, जिसके बाद पाणिग्रहण संस्कार और कन्यादान की रस्में पूरी की गईं। इस मंगल प्रसंग पर श्रद्धालु भक्तिभाव में डूबकर जमकर झूमे। तुलसी का पात्र शिल्पा धर्मेंद्र सोमानी और सालीग्राम का पात्र श्वेता सचिन सोमानी ने निभाया।
संस्कारों और सुहाग की मर्यादा पर दिया जोर
महाराज श्री ने कथा के दौरान महिलाओं को संस्कारों की सीख देते हुए कहा कि मस्तक पर कंकु का तिलक लगाना चाहिए और सुहाग के प्रतीकों का अपमान नहीं करना चाहिए। उन्होंने परिवार में शब्दों के चयन को सम्मानजनक रखने की बात कही और पत्नी को ‘देवी’ शब्द से संबोधित करने का सुझाव दिया। महाराज ने भगवान गणेश के परिवार की पांच पत्नियों रिद्धि, सिद्धि, श्री, पुष्टि और तुष्टि के महत्व को समझाते हुए बताया कि पूजन से ही सच्चे ज्ञान और सुख की प्राप्ति होती है।
भजनों पर नृत्य और दीपों से महकी आरती
कथा के दौरान जब महाराज ने “वो भारत देश है मेरा” और “सांवरियो है सेठ” जैसे सुरीले भजन गाए, तो पूरा पाण्डाल गरबा रास और नृत्य से झूम उठा। आरती के समय पाण्डाल की लाइटें बंद कर केवल दीप जलाए गए, जिससे पूरा वातावरण दैवीय रोशनी से महक उठा। कथा में भाजपा जिलाध्यक्ष मकु परवाल, जोबट विधायक सेना पटेल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने व्यासपीठ का पूजन कर आशीर्वाद लिया।





