बड़वानी, 23 जनवरी 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)
“बिन संस्कार, नहीं सहकार, बिन सहकार, नहीं उद्धार” के मूल मंत्र के साथ सहकार भारती जिला बड़वानी का 48वाँ स्थापना दिवस समारोह नगरपालिका परिषद के सभागार में गरिमामय रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाने और इसके माध्यम से अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने पर विस्तृत मंथन हुआ।
सहकारिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता मोहन गोले और अध्यक्षता प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशा कुमरावत ने की। वक्ताओं ने सहकार भारती की 48 वर्षों की यात्रा और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि समाज को स्वावलंबी बनाने का सशक्त माध्यम है। सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों, श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं को सस्ता ऋण, रोजगार के अवसर और सामूहिक विपणन जैसी सुविधाएं मिलती हैं, जिससे उत्पादन लागत में कमी आती है।
फरवरी में नई सहकारी समिति के पंजीयन की योजना
स्थापना दिवस के अवसर पर आगामी फरवरी माह में ‘बहुउद्देशीय सहकारी समिति’ के पंजीयन की योजना पर भी चर्चा की गई। इसका उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक नागरिकों को सहकारिता से जोड़ना है। वक्ताओं ने भारत और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे नीतिगत सुधारों और योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
गीत और संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम का संचालन आर.आर. प्रिंस ने किया, जबकि आशा कुमरावत ने सहकार भारती गीत का गायन कर उपस्थित कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरी। इस अवसर पर विशेष अतिथि राजेंद्र देवड़े, राजेश राठौड़ सहित संगीता लोह, नितिन अग्रवाल, कुणाल भावसार, और मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र केवट सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में, सहकारिता के माध्यम से समरस और सशक्त समाज निर्माण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।








