आलीराजपुर, 19 फरवरी 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (रफीक कुरैशी: ब्यूरो रिपोर्ट)
मुस्लिम समाज के सबसे पवित्र महीने ‘रमजान’ का आगाज बुधवार को चाँद दिखाई देने के साथ हो गया है। गुरुवार तड़के समाजजनों ने सहरी कर पहला रोजा रखा और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की। अब अगले तीस दिनों तक रोजे, नमाज और तराबीह के साथ खुदा की इबादत का दौर जारी रहेगा।
मस्जिदों में रही विशेष रौनक
बुधवार रात्रि को ईशा की नमाज के बाद नगर की सभी मस्जिदों में ‘तराबीह’ की विशेष नमाज अदा कराई गई। रमजान को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह देखा जा रहा है। समाजजन प्रतिदिन सुबह करीब 5 बजे सहरी करेंगे और शाम को 6:30 बजे रोजा इफ्तार करेंगे। इस बार रोजे की अवधि लगभग 13 घंटे की होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान बरकत और रहमत का महीना है, जिसमें हर नेकी का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।
तीन अशरों में बंटा है यह पाक महीना
धार्मिक जानकारों के अनुसार, रमजान को तीन हिस्सों (अशरों) में बांटा गया है। पहला हिस्सा ‘रहमत’ का है, दूसरा ‘बरकत’ का और तीसरा ‘मगफिरत’ यानी गुनाहों से माफी का है। हाफिज सेय्यद मोहसिन मियां ने बताया कि रोजा रखना हर बालिग मुसलमान पर फर्ज है। यह महीना इंसान को बुराइयों से दूर रहने और संयम का पाठ पढ़ाता है।
प्रशासन से व्यवस्थाओं की मांग
पवित्र माह के दौरान शहर काजी अल्हाज सेय्यद अफजल मियां और मस्जिद समितियों के अध्यक्षों ने जिला प्रशासन से विशेष व्यवस्थाओं की मांग की है। उन्होंने मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों और मस्जिदों के आसपास नियमित साफ-सफाई, निर्बाध बिजली और जल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही इफ्तार और तराबीह के समय मस्जिदों की ओर जाने वाले मार्गों पर सुचारू आवागमन हेतु बेरीकेट्स लगाने का अनुरोध किया है।




