आलीराजपुर, 26 फरवरी 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (रफीक कुरैशी : ब्यूरो रिपोर्ट)
महान क्रांतिकारी शहीद छितुसिंह किराड़ की जयंती के अवसर पर हुए विवाद के बाद आलीराजपुर जिले में आदिवासी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई और दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
आदिवासी समाज के अनुसार, 21 फरवरी को शहीद छितुसिंह किराड़ की जयंती की पूर्व संध्या पर समाज के प्रतिनिधि स्थानीय आम्बावाड़ी स्थित किराड़ धाम पहुंचे थे। वहां वे आदिवासी परंपरा के अनुसार पूजा-पाठ और ‘गायणा’ करना चाहते थे। आरोप है कि जिला प्रशासन ने अनुमति का हवाला देते हुए उन्हें पूजा करने से रोक दिया और देर रात समाज के 12 युवाओं के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली।
आस्था को ठेस पहुँचाने का आरोप
आदिवासी समाज जिला कोर कमेटी और जयस (JAYS) के सदस्यों ने इसे आदिवासी संस्कृति और आस्था पर प्रहार बताया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि आदिवासियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए। साथ ही, युवाओं पर दर्ज ‘झूठी’ एफआईआर को अविलंब निरस्त किया जाए।
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
समाज के पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान बहादुर सिंह रावत, विक्रम सिंह बामनिया, अजमेर सिंह भिंडे और गणेश किराड़ सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और युवा उपस्थित थे।




