बड़वानी, 03 अप्रैल 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट) ✍️
बड़वानी पुलिस अधीक्षक श्री पद्म विलोचन शुक्ल के निर्देशन में जिले में सायबर अपराधों की रोकथाम और फर्जी सिम के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में शुक्रवार को अंजड़ और पाटी थाना क्षेत्रों में मोबाइल सिम विक्रेताओं की विशेष बैठकें आयोजित की गई, जिनमें विक्रेताओं को नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी गई।
डिजिटल केवाईसी और फर्जी सिम पर जीरो टॉलरेंस
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर एवं एसडीओपी श्री महेश सुनैया के मार्गदर्शन में थाना अंजड़ में निरीक्षक रेवाराम चौहान और थाना पाटी में प्रभारी रामदास यादव के नेतृत्व में इन बैठकों का आयोजन हुआ। पुलिस अधिकारियों ने सिम विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिम बेचते समय डिजिटल केवाईसी (Digital KYC) अनिवार्य रूप से की जाए। किसी भी स्थिति में फर्जी दस्तावेजों या गलत तरीके से सिम जारी करने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल लॉक तोड़ने और पुराने मोबाइल के लिए भी निर्देश
बैठक में विक्रेताओं को व्यापार के दौरान निम्नलिखित नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया:
- प्रत्येक सिम विक्रय का विधिवत रिकॉर्ड संधारित किया जाए।
- ग्राहकों के फोटो और वैध पहचान दस्तावेज अनिवार्य रूप से प्राप्त किए जाएं।
- बिना वैध अनुमति के किसी भी मोबाइल का लॉक (Lock) न तोड़ा जाए।
- पुराने मोबाइल क्रय करते समय उसका असली बिल लेना अनिवार्य होगा।
- बाहरी व्यक्तियों का पूर्ण सत्यापन होने के बाद ही उनकी सिम सक्रिय की जाए।
उल्लंघन करने पर होगी सीधी कार्रवाई
पुलिस ने चेताया है कि सायबर अपराधी अक्सर फर्जी सिम का उपयोग कर वारदातों को अंजाम देते हैं। यदि किसी विक्रेता की लापरवाही के कारण नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसे सायबर अपराधों में संलिप्त मानकर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी और फर्जीवाड़े से सुरक्षित रखना है।






