बजरंग दल का प्रांतीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग मनावर में शुरू युवाओं को दिया जा रहा राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण

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धार, 30 दिसम्बर 2025।

संवाददाता: जय खत्री

​धार जिले के मनावर नगर में विश्व हिंदू परिषद–बजरंग दल द्वारा आयोजित प्रांतीय शीतकालीन शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का भव्य शुभारंभ हुआ। 27 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण शिविर 4 जनवरी 2026 तक संचालित होगा। इस विशेष वर्ग में मालवा प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों से आए 200 से अधिक युवा शिक्षार्थी और 30 अनुभवी शिक्षक सहभागिता कर रहे हैं।

​संस्कारित और राष्ट्रभक्त युवा पीढ़ी का निर्माण

​विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के इस प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी युवा पीढ़ी का निर्माण करना है जो शारीरिक रूप से सशक्त, मानसिक रूप से संस्कारित और नशा मुक्त हो। संगठन का मानना है कि युवाओं का अपनी संस्कृति और इतिहास से परिचित होना राष्ट्र निर्माण के लिए अनिवार्य है। शिविर के माध्यम से युवाओं में समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना जाग्रत की जा रही है।

​सर्वांगीण विकास के लिए विविध विषयों का समावेश

​इस नौ दिवसीय शिविर में युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए शारीरिक और बौद्धिक दोनों स्तरों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शारीरिक प्रशिक्षण के अंतर्गत आत्मरक्षा के गुर, योग और व्यायाम सिखाए जा रहे हैं। वहीं बौद्धिक सत्रों में भारतीय संस्कृति, राष्ट्र सुरक्षा, समय प्रबंधन, संगठनात्मक कार्यप्रणाली और व्यक्तित्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जा रहा है। यह वर्ग युवाओं को आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के गुणों से लैस करने का एक सशक्त माध्यम बना है।

​संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन और भारत माता एवं श्री राम दरबार के पूजन के साथ हुआ। उद्घाटन अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री श्री विनोद शर्मा और बजरंग दल प्रांत संयोजक श्री नितिन पाटीदार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ विभाग संगठन मंत्री सुरेश गुर्जर, प्रांत सह संयोजक यश बच्चानी, मुकेश पाटीदार, प्रांत बलोपासना प्रमुख कमल सिंह पवार, मंगलेश सोनी और भेरूलाल माली सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

​युवाओं में दिखा अभूतपूर्व उत्साह

अतिथियों ने अपने संबोधन में युवाओं को राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा दी। शौर्य प्रशिक्षण वर्ग को लेकर शिक्षार्थियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अनुशासित परिवेश में युवा न केवल अपनी शारीरिक क्षमता बढ़ा रहे हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और सेवा भाव के संस्कारों को भी आत्मसात कर रहे हैं।