बड़वानी, 25 फरवरी 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)
जिले के ठीकरी क्षेत्र में धड़ल्ले से बेची जा रही अवैध कच्ची शराब के विरोध में मंगलवार को महिलाओं का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों की सैकड़ों महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं। अपनी मांग पर अड़ी महिलाएं कलेक्टर से मिले बिना जाने को तैयार नहीं थीं और लगभग 5 घंटे तक कार्यालय परिसर में ही डटी रहीं।
कलेक्टर की गाड़ी की ‘घेराबंदी’ और 5 घंटे का इंतजार
दोपहर में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने के बाद भी महिलाओं का संतोष नहीं हुआ। वे कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपनी पीड़ा बताना चाहती थीं। इस दौरान महिलाएं कलेक्टर के वाहन के इर्द-गिर्द बैठ गईं ताकि कलेक्टर बिना मिले न निकल सकें। शाम करीब 5 बजे बैठक खत्म होने के बाद कलेक्टर ने महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की।
नहर के रास्तों से हो रहा अवैध परिवहन, घर-घर फैला नशा
महिलाओं ने कलेक्टर को बताया कि ग्राम घटवा, केरवा, करामतपुरा, अभाली, कटोरा और मोइंदा क्षेत्र में अवैध भट्टियां धधक रही हैं। शराब माफिया प्रशासन द्वारा बनाई गई नहरों और रास्तों का उपयोग शराब तस्करी के लिए कर रहे हैं। महिलाओं ने व्यथा सुनाई कि शराब के कारण पुरुष और युवा नशे के आदी हो रहे हैं, जिससे घरों में विवाद और मारपीट आम बात हो गई है। ठीकरी थाने में शिकायत के बावजूद माफियाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
कलेक्टर की सीख: सामाजिक चेतना से खत्म होगी बुराई
कलेक्टर जयति सिंह ने महिलाओं की बात गंभीरता से सुनी और आबकारी व पुलिस विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर न रहें, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी प्रयास करें। कलेक्टर ने पाटी क्षेत्र के ‘शिव पंथ’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां सामाजिक जागरूकता से नशा मुक्ति आई है, वैसा ही प्रयास ठीकरी क्षेत्र में भी किया जाना चाहिए।






