आलीराजपुर जिले में भगोरिया का आगाज बखतगढ़ और आम्बुआ में ढोल-मांदल की थाप पर जमकर थिरके ग्रामीण

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आलीराजपुर, 25 फरवरी 2026।

निमाड़ दस्तक न्यूज़ (रफीक कुरैशी: ब्यूरो रिपोर्ट)

​आदिवासी संस्कृति और लोक परंपरा का अनूठा पर्व ‘भगोरिया’ मंगलवार को आलीराजपुर जिले के ग्राम बखतगढ़ और आम्बुआ में हर्षोल्लास के साथ शुरू हुआ। जिले के इन पहले भगोरिया हाटों में हजारों की संख्या में ग्रामीण जन अपनी पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे और ढोल-मांदल की थाप पर थिरकते हुए अपनी समृद्ध परंपरा का निर्वहन किया।

दोपहर बाद चढ़ा उत्सव का खुमार

​बखतगढ़ और आम्बुआ में दोपहर 1 बजे के बाद भगोरिया का असली रंग जमना शुरू हुआ। आकर्षक आभूषणों और रंग-बिरंगी वेशभूषा से सुसज्जित युवक-युवतियों और बुजुर्गों की टोलियां बासुरी की धुन और थाली की खनक पर नृत्य करती नजर आईं। मेले में लगे ऊंचे झूलों, चकरी और बर्फ-गोला व आइसक्रीम का बच्चों और युवाओं ने जमकर आनंद लिया। ग्रामीण क्षेत्रों से आए कई समूह ‘ड्रेस कोड’ में नजर आए, जो आकर्षण का केंद्र रहे।

मैदान में उतरे पुलिस अधीक्षक, तीर-कमान के साथ खिंचवाई फोटो

​बखतगढ़ भगोरिया हाट की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने स्वयं पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण करने के साथ-साथ ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान एसपी सिंह पारंपरिक तीर-कमान थामे नजर आए और ग्रामीणों के साथ फोटो भी खिंचवाई।

महेश पटेल ने बजाया मांदल, दी शुभकामनाएं

​ग्राम आम्बुआ में आयोजित भगोरिया हाट में आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल सैकड़ों समर्थकों के साथ शामिल हुए। पटेल ने स्वयं मांदल बजाकर गैर निकाली और कार्यकर्ताओं के साथ थिरकते हुए ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगोरिया हमारी संस्कृति, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व हमारी पीढ़ियों पुरानी परंपराओं को जीवित रखता है।

सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम

जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा दोनों ही स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा, जिसके चलते आलीराजपुर जिले के पहले दोनों भगोरिया हाट शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए।