बड़वानी, 07 जनवरी 2026।
बड़वानी स्थित प्राचीन खंडेलावाल दिगंबर जैन मंदिर के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। मंदिर के मूल नायक भगवान नेमीनाथ जी को उनके 99वें वर्ष में नए भव्य कमलासन पर विराजमान करने हेतु ‘निष्ठापन क्रिया’ का आयोजन किया गया। यह समस्त आयोजन परम पूज्य गुरुदेव पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद और बड़वानी में विराजित मुनि श्री प्रणुत सागर जी महाराज के सानिध्य में भक्ति भाव से संपन्न हुआ।
विधि-विधान और मंत्रोच्चार से गूंजा मंदिर
इंदौर के नगर पुरोहित पंडित नितिन झांझरी के निर्देशन में कार्यक्रम की शुरुआत भगवान नेमीनाथ के अभिषेक और शांतिधारा से हुई। इसके पश्चात समाज के श्रेष्ठी परिवारों द्वारा मंगल ध्वजारोहण किया गया। भक्तिमय वातावरण में सौधर्म, महेंद्र और ईशान आदि इंद्र-इंद्राणियों ने शांतिनाथ मंडल विधान और याग मंडल विधान की क्रियाएं पूर्ण कीं। मुनि श्री ने भगवान को मंडल जी के समवशरण पर विराजमान किया, जहां श्रावकों ने श्रीफल और अर्घ्य समर्पित किए।
जीर्णोद्धार के लिए अस्थाई वेदी पर विराजित हुए भगवान
मंदिर के गर्भगृह के जीर्णोद्धार और नए कमलासन के निर्माण हेतु मूल वेदी से भगवान का उत्थापन किया गया। मुनि श्री के मार्गदर्शन में सभी प्रतिमाओं को मंत्रोच्चार के साथ अस्थाई वेदी पर विराजित किया गया। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनते हुए समाज के कई महिला-पुरुषों ने संकल्प स्वरूप विभिन्न वस्तुओं के त्याग का नियम भी लिया। विधान के समापन पर हवन में आहुतियां दी गईं।
शताब्दी वर्ष में प्रवेश करेगा मंदिर
उल्लेखनीय है कि इस प्राचीन मंदिर की स्थापना को 99 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और आगामी 14 फरवरी से यह अपने 100वें वर्ष यानी शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर जाएगा। मुनि श्री प्रणुत सागर जी ने इस अवसर पर कहा कि यह हमारा परम सौभाग्य है कि भगवान ने इस पुनीत कार्य के लिए हमें चुना है। भगवान को उच्च आसन पर इसलिए विराजमान किया जा रहा है ताकि सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और धर्म की वृद्धि हो।
जयकारों से गूंज उठा परिसर
जैसे ही शुभ मुहूर्त में भगवान को नई अस्थाई वेदी पर विराजित किया गया, पूरा मंदिर परिसर भगवान नेमीनाथ और मुनि श्री के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। मंदिर के जीर्णोद्धार के पश्चात भगवान पुनः अपने भव्य नए कमलासन पर विराजित होंगे, जिसे लेकर खंडेलावाल जैन समाज में भारी उत्साह देखा जा रहा है।







