कलेक्टर ने जारी किए आदेश: पराली जलाने पर लगाई रोक, उल्लंघन पर लगेगा भारी जुर्माना

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आलीराजपुर, 27 मार्च 2026।

निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट – रफीक कुरैशी) ✍️

​आलीराजपुर जिले में फसल कटाई के बाद खेतों में पराली (नरवाई) जलाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नीतू माथुर ने जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में पराली जलाने पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

आगजनी और पर्यावरण को खतरा

​प्रशासन के अनुसार, खेतों में डंठल जलाने की परंपरा अक्सर बड़े हादसों का सबब बनती है। इससे न केवल जन-धन और संपत्ति की हानि होती है, बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुँचता है। इसके अलावा, पराली जलने से पशुओं के चारे की किल्लत पैदा होती है और वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ता है।

उल्लंघन पर तय किया गया जुर्माना

​आदेश का उल्लंघन करने वाले किसानों पर रकबे के हिसाब से भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा:

  • 2 एकड़ तक: ₹2500 प्रति घटना
  • 2 से 5 एकड़: ₹5000 प्रति घटना
  • 5 एकड़ से अधिक: ₹15000 प्रति घटना

जमीन की उर्वरता पर भी पड़ेगा असर

​कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आग लगाने से मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं, जिससे जमीन की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है। जैविक अवशेष जो खाद का काम कर सकते हैं, वे आग में जलकर नष्ट हो जाते हैं, जिससे भविष्य में उत्पादन प्रभावित होता है।

होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

​कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आदेश की अवहेलना करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे पराली जलाने के बजाय वैकल्पिक कृषि तकनीकों का उपयोग करें ताकि पर्यावरण और भूमि की उर्वरता सुरक्षित रहे।