बड़वानी, 13 मार्च 2026
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)
बड़वानी शहर के नवलपुरा क्षेत्र में आज दशा माता पूजन के अवसर पर गहरी आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिला। अलसुबह से ही महिलाएं और युवतियां पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर पीपल वृक्ष की पूजा के लिए पहुंचीं। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजन कर परिवार की खुशहाली और मंगल की कामना की।
विधि-विधान से हुआ पूजन और परिक्रमा
नवलपुरा क्षेत्र में आयोजित इस पूजन कार्यक्रम में सीमा राठौर, श्रेया राठौर और प्रियंसी राठौर ने पीपल वृक्ष के नीचे श्रद्धा भाव से दशा माता की आराधना की। उन्होंने वृक्ष पर सूत का धागा लपेटकर परिक्रमा की और कथा श्रवण कर परिवार की सुख-शांति तथा दीर्घायु का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान नवलपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों में पारंपरिक मांगलिक गीतों से वातावरण धर्ममय हो गया।
दशा माता पूजन का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में दशा माता पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि होली के बाद आने वाली दशमी तिथि पर पीपल वृक्ष की पूजा करने से घर की ‘दशा’ सुधरती है और दरिद्रता का नाश होता है। महिलाएं इस दिन व्रत रखती हैं और दशा माता से अपने घर-परिवार की बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करती हैं।
परंपराओं के संरक्षण का संदेश
पूजन के पश्चात सीमा राठौर, श्रेया राठौर और प्रियंसी राठौड़ ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक परंपराएं हमारे संस्कारों का आधार हैं। दशा माता की कृपा से जीवन में सकारात्मकता आती है। उन्होंने नई पीढ़ी से भी अपनी गौरवशाली धार्मिक परंपराओं को सहेजने और उन्हें बनाए रखने का संदेश दिया।






