बड़वानी, 01 जनवरी 2026।
बड़वानी के स्थानीय श्रीराम चौक पर गुरुवार को हिंदू जागरण मंच और जागृत हिंदू मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ तीव्र आक्रोश व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के समापन पर तहसीलदार बड़वानी श्री भावसार को राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
बांग्लादेश में हिंदुओं की भयावह स्थिति पर चर्चा
धरना सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं के विरुद्ध हो रही सुनियोजित हिंसा का विस्तृत ब्यौरा दिया। वक्ताओं ने बताया कि वहां ईशनिंदा के झूठे आरोपों में हिंदू युवाओं की सरेआम हत्या की जा रही है। मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या और मंदिरों को अपवित्र करने जैसी घटनाओं ने हिंदू समाज को झकझोर कर रख दिया है। वक्ताओं ने चिंता व्यक्त की कि वहां की अंतरिम सरकार इन कट्टरपंथियों पर लगाम कसने में पूरी तरह विफल रही है।
जनसांख्यिकीय असंतुलन और राष्ट्रीय सुरक्षा पर चिंता
सभा के दौरान वक्ताओं ने भारत के असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड एवं उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में बढ़ते जनसांख्यिकीय असंतुलन और षडयंत्रों के प्रति समाज को सतर्क किया। साथ ही हलाल इकोनॉमी के माध्यम से हो रहे धन के उपयोग पर भी सवाल उठाए गए। हिंदू समाज ने मांग की कि प्रशासन जिले में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराए।
पुतला दहन और प्रमुख मांगें
कार्यक्रम के अंत में आक्रोशित जनसमूह ने ‘बांग्लादेश मुर्दाबाद’ और ‘हिंदू एकता जिंदाबाद’ के नारों के बीच बांग्लादेश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस का पुतला जलाया। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि केंद्र सरकार बांग्लादेशी हिंदुओं की सुरक्षा हेतु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप करे और राज्य शासन स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था को कड़ाई से लागू करे।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन राजेश राठौड़ ने किया। सभा को स्मिता अत्रे, उषा वासनिया, अंजना पटेल, विक्रम चौहान, विजय यादव, दीपक जेमन, आशीष मेहरा, शरद पटेल और कुमारी आरवी भावसार ने संबोधित किया। इस अवसर पर बालकृष्ण सोनगरा, राजू चौहान, शंकर कुशवाह, कुणाल भावसार, आशा कुमरावत सहित सैकड़ों हिंदू जन उपस्थित रहे।






