बड़वानी जिले में भगोरिया की धूम 24 फरवरी से 2 मार्च तक सजेगा लोक संस्कृति का मेला

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बड़वानी, 25 फरवरी 2026।

निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)

​आदिवासी संस्कृति के सबसे बड़े और उल्लासपूर्ण पर्व ‘भगोरिया’ का आगाज बड़वानी जिले में हो चुका है। होलिका दहन के सात दिन पूर्व शुरू होने वाला यह राष्ट्रीय पर्व जिले के विभिन्न हाट-बाजारों में 24 फरवरी से 2 मार्च तक पूरी रंगत के साथ मनाया जाएगा। प्रशासन और पुलिस ने सभी आयोजन स्थलों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं।

प्रमुख हाटों की समय-सारणी

​जिले के अलग-अलग अंचलों में भगोरिया उत्सव के लिए दिन निर्धारित किए गए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • 26 फरवरी (गुरुवार): पाटी, राजपुर, दवाना, राखीबुजुर्ग, बलवाड़ी और जोगवाड़ा में भगोरिया की धूम रहेगी।
  • 27 फरवरी (शुक्रवार): मेणीमाता, बोकराटा, ठीकरी, मोयदा, तलवाड़ा डेब, वरला और झोपाली में ग्रामीण उत्सव मनाएंगे।
  • 28 फरवरी (शनिवार): गंधावल, ओझर, भागसुर, वझर, खेतिया और मटली के बाजारों में ढोल-मांदल गूंजेंगे।
  • 1 मार्च (रविवार): बड़वानी शहर सहित चैरवी, पोखल्या, बरूफाटक, पानसेमल, सेंधवा और इन्द्रपुर में भगोरिया सजेगा।
  • 2 मार्च (सोमवार): गारा, जुलवानिया, निवाली, अंजड़, सोलवन और जूनाझिरा में उत्सव का समापन होगा।

उल्लास के साथ हुई शुरुआत

​उत्सव की शुरुआत 24 फरवरी को बालकुआं, पलसूद और नांगलवाड़ी सहित अन्य क्षेत्रों से हुई। वहीं आज, 25 फरवरी बुधवार को सिलावद, बालसमुद, घट्टया, धवली, धनोरा, भवती और सेमलेट में भगोरिया पर्व परंपरागत उत्साह के साथ मनाया गया। हाट बाजारों में ग्रामीण अपनी पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-मांदल की थाप पर थिरकते नजर आ रहे हैं।

संस्कृति और मेल-मिलाप का संगम

भगोरिया केवल एक मेला नहीं बल्कि निमाड़ और झाबुआ अंचल की पहचान है। यहाँ लोक गीतों, नृत्य और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लेने के लिए दूर-दराज से लोग पहुँच रहे हैं। प्रशासन ने अपील की है कि सभी नागरिक शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में इस उत्सव का आनंद लें।