बड़वानी, 19 फरवरी 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी में गुरुवार को छात्रों का बड़ा आक्रोश देखने को मिला। कोरोना काल से लंबित निःशुल्क स्टेशनरी और पाठ्य पुस्तकों की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में मोर्चा खोल दिया। छात्र संगठन NSUI के नेतृत्व में हुए इस उग्र प्रदर्शन के कारण साढ़े चार घंटे तक कॉलेज परिसर में गहमागहमी बनी रही।
लापरवाही पर फूटा गुस्सा: 5 माह के बच्चे को लेकर बैठी रही छात्रा
सुबह 11 बजे से ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कॉलेज पहुंच गए थे, लेकिन प्रशासन द्वारा समय पर वितरण प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। कॉलेज की अव्यवस्था का आलम यह था कि एक छात्रा अपने 5 माह के बच्चे को लेकर घंटों इंतजार करती रही, वहीं छात्र हरीश ने बताया कि वे सुबह से भूखे-प्यासे कतार में खड़े रहे। कई विद्यार्थी अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए पार्ट-टाइम काम करते हैं, जो अपना काम छोड़कर कॉलेज पहुंचे थे, लेकिन घंटों की देरी ने उन्हें निराश कर दिया।
आदिवासी छात्र नेतृत्व ने घेरा प्रशासन
आदिवासी छात्र नेता बादल गिरासे ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गरीब और आदिवासी वर्ग के विद्यार्थियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पूरी पुस्तकें नहीं दी जातीं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। NSUI के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लंबे संघर्ष के बाद प्रशासन स्टेशनरी बांटने को राजी हुआ था, लेकिन वितरण में भी भारी लापरवाही बरती गई।
साढ़े चार घंटे चला धरना प्रदर्शन
छात्रों की नारेबाजी और प्रदर्शन के कारण कॉलेज प्रशासन को अंततः झुकना पड़ा। विद्यार्थियों का आरोप है कि उन्हें आधे-अधूरे विषयों की पुस्तकें दी जाती हैं और सवाल पूछने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। दोपहर 3:30 बजे तक चले इस धरने के बाद प्रशासन ने व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उनकी मूलभूत शैक्षणिक सुविधाओं की अनदेखी की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।




