बड़वानी, 01 मार्च 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)
बड़वानी जिले में रविवार को लोक संस्कृति के महापर्व भोंगर्या का खासा उत्साह नजर आया। जिला मुख्यालय सहित महाराष्ट्र सीमा पर बसे पहाड़ी अंचल के ग्रामों में आयोजित महाभोंगर्या में पारंपरिक वेशभूषा में सजे समाजजनों के साथ जनप्रतिनिधि भी ढोल-मांदल की थाप पर थिरकते नजर आए।
बड़वानी शहर में उमड़ा जनसैलाब, निकली भव्य गैर
शहर में आयोजित महाभोंगर्या में रविवार को भारी भीड़ उमड़ी। कारंजा स्थित कन्या शाला से भव्य गैर निकाली गई, जो एमजी रोड, रणजीत चौक, झंडा चौक और चंचल चौराहा होती हुई दोपहर 2 बजे दशहरा मैदान पहुँची। इस दौरान विधायक राजन मंडलोई और नगरपालिका नेता प्रतिपक्ष राकेशसिंह जाधव भी उत्सव में शामिल हुए। विधायक ने ढोल-मांदल बजाते हुए समाजजनों के साथ जमकर नृत्य किया, वहीं नेता प्रतिपक्ष ने भी पारंपरिक उत्साह के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
पहाड़ी अंचल चैरवी में भी रहा भारी उत्साह
पाटी विकासखंड के पहाड़ी अंचल में महाराष्ट्र सीमा पर बसे ग्राम चैरवी में भी रविवार को भोंगर्या का भव्य आयोजन हुआ। यहाँ हजारों की संख्या में ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा और चांदी के आभूषणों से सुसज्जित होकर पहुँचे। विधायक राजन मंडलोई चैरवी के भोंगर्या में भी शामिल हुए, जहाँ ग्रामीणों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। यहाँ सुबह 11 बजे से ही मेलों की धूम शुरू हो गई थी, जो दोपहर 3 बजे तक चलती रही।
परंपरा और आधुनिकता का संगम
भोंगर्या मेलों में जहाँ एक ओर महिलाएं और युवतियां पारंपरिक चांदी के गहनों और रंग-बिरंगे परिधानों में संस्कृति को जीवंत कर रही थीं, वहीं युवा पीढ़ी हाथों में मोबाइल लेकर सेल्फी और वीडियो के जरिए इस लोक पर्व का आनंद लेती दिखी। शाम तक दशहरा मैदान और चैरवी के पहाड़ी अंचल ‘ढोल-मांदल’ की मधुर धुन से गुंजायमान रहे।






