बड़वानी, 11 फरवरी 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)
बड़वानी के कुंदन नगर स्थित श्री कुन्दकेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में शिव भक्ति की अविरल धारा बह रही है। संगीतमय श्री शिवमहापुराण कथा के दूसरे दिन आज माता सती के दिव्य चरित्र और भगवान शिव के कल्याणकारी उपदेशों का वर्णन किया गया, जिससे उपस्थित जनमानस भावविभोर हो उठा।
माता सती: त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति
व्यासपीठ से परम पूज्य पंडित विवेक शर्मा जी ने माता सती के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि माता सती अटूट श्रद्धा और त्याग का प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि बिना पूर्ण समर्पण के ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं है। पंडित जी ने सती चरित्र के माध्यम से नारी शक्ति और पतिव्रत धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला।
शिव उपदेश: सत्य और संयम का मार्ग
कथावाचक ने भगवान शिव के उपदेशों को आधुनिक जीवन के परिप्रेक्ष्य में समझाते हुए कहा कि शिव के उपदेश मानव को अहंकार त्यागने और संयम के साथ जीने की प्रेरणा देते हैं। जब मनुष्य समस्त विकारों को त्याग कर महादेव की शरण में आता है, तभी उसे वास्तविक आत्मिक शांति प्राप्त होती है। कथा के दौरान पूरा परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान रहा।
बड़ी संख्या में उमड़ रहे श्रद्धालु
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठक व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आज की कथा में विशाल निहाले, कान्हा सोलंकी, अनिल चौहान, अतुल कमल सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और नगरवासी उपस्थित रहे।
समिति ने जानकारी दी कि कथा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक जारी रहेगी। आगामी दिनों में शिव-पार्वती विवाह और महाअभिषेक जैसे विशेष प्रसंग सुनाए जाएंगे।






