आलीराजपुर, 25 जनवरी 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट: रफीक कुरैशी)
आलीराजपुर के जामा मस्जिद चौक पर रविवार को सामाजिक समरसता और सादगी का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। स्थानीय दफ्तर दारुल कजात की सरपरस्ती और आस्ताना-ए-होज उर्स कमेटी के तत्वावधान में पहली बार मुस्लिम समाज का सामूहिक निकाह आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन में मध्य प्रदेश और गुजरात के 12 जोड़ों ने एक-दूसरे को हमसफर के रूप में कबूल किया।
हजारों लोग बने निकाह के गवाह
निकाह की रस्म पूरी तरह धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। वकीलों की वकालत और गवाहों की मौजूदगी में काजी साहब और उलेमाओं की निगरानी में निकाह पढ़ाया गया, जिसके बाद खुतबा सुनाया गया। इस ऐतिहासिक पल के गवाह आलीराजपुर सहित आसपास के जिलों और गुजरात से आए हजारों समाजजन बने, जिन्होंने नव-दंपतियों को दुआओं से नवाजा।
अतिथियों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहर काजी अल्हाज सैयद अफजल मियां उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के तौर पर सैयद आरिफ मियां, हाजी सैयद हनीफ मियां और सैयद जमालुद्दीन बाबा सहित अन्य गणमान्यजन मौजूद थे। अतिथियों ने इस ‘इज्तेमाई शादी’ की सराहना करते हुए इसे फिजूलखर्ची रोकने और आपसी एकता को मजबूत करने वाला एक बड़ा कदम बताया।
उपहारों के साथ दी गई विदाई
उर्स कमेटी द्वारा समाजजनों के सहयोग से प्रत्येक दुल्हन को घर-गृहस्थी का आवश्यक सामान भेंट किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी के लिए सहभोज (वलीमा) का आयोजन भी हुआ। सम्मेलन स्थल पर पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग पांडाल और पार्किंग की सुचारू व्यवस्था की गई थी।
शाम 4:30 बजे सभी दुल्हनों को भावपूर्ण विदाई दी गई। कार्यक्रम का संचालन शायर सिराज तन्हा और कयामुद्दीन कयाम ने किया, जबकि कमेटी संरक्षक सैयद मोहसिन मियां ने आभार व्यक्त किया। आयोजन को सफल बनाने में कमेटी सदर साजिद मकरानी और विभिन्न संस्थाओं का सराहनीय योगदान रहा।






