बड़वानी, 27 फरवरी 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके सर्वांगीण कल्याण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, बड़वानी में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मानसिक तनाव से मुक्त रहने और सकारात्मक संवाद की ओर प्रेरित करना था।
कुंठाओं का समाधान है संवाद
मुख्य वक्ता और बाल कल्याण समिति के सदस्य श्री मनीष गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा, “हम जितनी बातें मन में दबाकर रखते हैं, उतनी ही कुंठाएँ जन्म लेती हैं। मानसिक समस्याओं का उपचार उन्हें साझा करना है, न कि छुपाना।” उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और किसी भी समस्या पर खुलकर बात करने का संदेश दिया।
लाइव डिजिटल सर्वे से बदली सोच
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य के मार्गदर्शन में हुई इस कार्यशाला की सबसे बड़ी विशेषता लाइव बहुविकल्पीय सर्वेक्षण रहा। मोबाइल के माध्यम से विद्यार्थियों से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रश्न पूछे गए। एक महत्वपूर्ण प्रश्न पर 73.58% विद्यार्थियों ने माना कि मानसिक समस्याएं केवल दवाओं से ठीक नहीं होतीं। इस पर चर्चा करते हुए वक्ता ने स्पष्ट किया कि संवाद, परामर्श, पारिवारिक सहयोग और जीवनशैली में बदलाव मानसिक स्वास्थ्य के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वरिष्ठ प्राध्यापक रहे उपस्थित
मानसिक स्वास्थ्य समिति के संयोजक डॉ. जितेंद्र ठाकुर के निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम में डॉ. कंचन कन्नौजे, प्रो. लक्ष्मण डावर और प्रो. अनीता खांडे सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक व छात्र मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अविनाश वानखेड़े ने किया, जबकि आभार प्रो. रितु कुमरावत ने माना। कार्यशाला ने विद्यार्थियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने में सफलता प्राप्त की।





