बड़वानी, 25 फरवरी 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)
बड़वानी शहर सहित पूरे जिले में इस्लाम धर्म का पवित्र महीना ‘रमजानुल मुबारक’ पूरे अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जा रहा है। रमजान की शुरुआत हुए एक सप्ताह पूर्ण हो चुका है। इबादत, संयम और आत्मशुद्धि के इस पाक महीने में शाम होते ही शहर के बाजारों में इफ्तार की रौनक और रात में मस्जिदों में तरावीह की नमाज की गूँज सुनाई दे रही है।
तीन अशरों में बंटा है रहमत का महीना
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, रमजान के 30 दिनों को तीन हिस्सों (अशरों) में बांटा गया है। पहला अशरा ‘रहमत’ का होता है, जो वर्तमान में चल रहा है। इसके बाद दूसरा अशरा ‘मगफिरत’ (क्षमा) और तीसरा अशरा ‘निजात’ (गुनाहों से मुक्ति) का होता है। मान्यता है कि इस पाक महीने में सच्चे दिल से की गई इबादत का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।
हाजी नवेद साहब ने बताया रमजान का महत्व
बड़वानी स्थित बशीटन मस्जिद के हाजी नवेद साहब ने रमजान की फजीलत पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह महीना केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि सब्र, शुक्र और ईमानदारी के साथ जीवन जीने की ट्रेनिंग है। वे प्रतिदिन तरावीह की नमाज के बाद युवाओं को बुराइयों से दूर रहने और अच्छे चरित्र के साथ सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की नसीहत दे रहे हैं।
युवाओं में इबादत के प्रति बढ़ा उत्साह
नगर के युवा इंजीनियर समीर खान ने बताया कि रमजान आत्मिक शांति और सुकून का महीना है। रोजा और नमाज इंसान को अनुशासन सिखाते हैं। शहर की विभिन्न मस्जिदों में बड़ी संख्या में युवा और बुजुर्ग खुदा की इबादत में जुटे हैं, जिससे पूरे शहर में आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश प्रसारित हो रहा है।




