वन विभाग के बीट ऑफिसर की हत्या पर फूटा आक्रोश, वन कर्मचारी संघ ने शहीद का दर्जा और ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग की

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आलीराजपुर, 13 अप्रैल 2026।

निमाड़ दस्तक न्यूज़ (रफीक कुरैशी – ब्यूरो रिपोर्ट) ✍️

​मध्य प्रदेश वन एवं वन्य प्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ जिला इकाई आलीराजपुर ने सोमवार को मुरैना में कर्तव्य के दौरान शहीद हुए बीट ऑफिसर हरिकेश गुर्जर को न्याय दिलाने हेतु मोर्चा खोल दिया। वन माफियाओं द्वारा की गई इस कायराना हरकत के विरोध में कर्मचारी संघ के बैनर तले सभी वनकर्मी नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुँचे और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा।

कर्तव्य की वेदी पर शहादत, पर सम्मान से वंचित

​ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 8 अप्रैल को मुरैना के अम्बाह वनमंडल में अवैध रेत परिवहन रोकने के दौरान माफियाओं ने बीट ऑफिसर हरिकेश गुर्जर पर ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ाकर उनकी हत्या कर दी। संघ ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि केवल एक लाठी के दम पर वन अमला अपनी जान जोखिम में डालकर जंगलों और खनिज की रक्षा कर रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन की उदासीनता के कारण शहीद गुर्जर को अंतिम संस्कार के समय तिरंगे के सम्मान और बंदूकों की सलामी तक नसीब नहीं हुई, जो पूरी शहादत का अपमान है।

प्रशासन की संवेदनहीनता पर उठाए सवाल

​वन कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उच्च अधिकारियों के पास शहीद के परिवार के लिए संवेदना के दो शब्द कहने का समय तक नहीं है। शासन के इस उदासीन रवैये से मैदानी अमला आहत और ठगा हुआ महसूस कर रहा है। सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों के बावजूद मैदानी अमले को आत्मरक्षा हेतु पर्याप्त संसाधन और अधिकार उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।

वन कर्मचारी संघ की प्रमुख माँगें

​मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में संघ ने निम्नलिखित माँगें प्रमुखता से रखी हैं:

  • ​शहीद बीट ऑफिसर हरिकेश गुर्जर को तत्काल ‘शहीद’ का दर्जा दिया जाए।
  • ​शहीद के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा और एक सदस्य को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए।
  • ​अंतिम संस्कार हेतु देय ₹1.25 लाख की अनुग्रह राशि का तत्काल भुगतान किया जाए।
  • ​वन अमले की सुरक्षा हेतु कड़े कानून और संसाधन सुनिश्चित किए जाएं।

​इस अवसर पर बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी और जिले के वनकर्मी मौजूद रहे, जिन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे।