कुष्ठ मुक्त समाज का संकल्प: आशाग्राम में न्यायाधीश अमूल मंडलोई ने किया पौधा वितरण, भेदभाव मिटाने का दिया संदेश

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बड़वानी, 30 जनवरी 2026।

निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)

​विश्व कुष्ठ रोग दिवस के अवसर पर बड़वानी के आशाग्राम स्थित कुष्ठ कॉलोनी में ‘जागरूकता एवं पौधा वितरण’ कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। जी.एल.आर.ए. संस्था और आशाग्राम के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति सामाजिक भ्रांतियों को दूर करना और प्रभावित व्यक्तियों के आत्मसम्मान को बढ़ावा देना रहा।

पौधों के माध्यम से दिया नवजीवन का संदेश

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं माननीय न्यायाधीश श्री अमूल मंडलोई ने कुष्ठ कॉलोनी के रहवासियों को फलदार पौधों का वितरण किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समानता और संवेदनशीलता पैदा करते हैं। उन्होंने पौधारोपण को नवजीवन और आशा का प्रतीक बताते हुए पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आपसी सहयोग पर जोर दिया।

समय पर उपचार से संभव है बचाव: डॉ. सुरेखा जमरे

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सुरेखा जमरे ने कुष्ठ रोग के बारे में तकनीकी जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुष्ठ रोग कोई अभिशाप नहीं बल्कि एक सामान्य बीमारी है, जो पूरी तरह उपचार योग्य है। उन्होंने बताया कि यदि समय पर सही पहचान और नियमित इलाज (MDT) लिया जाए, तो विकलांगता से आसानी से बचा जा सकता है। उन्होंने समाज से अपील की कि इन मरीजों के साथ भेदभाव न करें, बल्कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ें।

सामाजिक कलंक मिटाने का लिया संकल्प

कार्यक्रम में आशाग्राम के डॉ. चक्रेश पहाड़िया, सचिन दुबे और जी.एल.आर.ए. संस्था के जिला समन्वयक विपुल चतुर्वेदी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने कुष्ठ रोग से जुड़े सामाजिक कलंक (Social Stigma) को समाप्त करने और एक स्वस्थ, भेदभाव रहित समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।