बड़वानी, 31 दिसम्बर 2025।
बड़वानी जिले के आदिवासी अंचल के होनहार युवा सुरेंद्र पाल सिंह अलावा ने न्याय जगत में एक नई इबारत लिख दी है। उन्हें मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में उप शासकीय अधिवक्ता (Deputy Government Advocate) नियुक्त किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि वे इंदौर हाईकोर्ट में इस गरिमामयी पद पर पहुँचने वाले आदिवासी समाज के पहले प्रतिनिधि बन गए हैं। इस नियुक्ति के बाद पूरे जिले और समाज में उत्साह का माहौल है।
9 वर्षों का अनुभव और शैक्षणिक सफर
बड़वानी की माटी में जन्मे और शिक्षित सुरेंद्र पाल सिंह अलावा पिछले 9 वर्षों से इंदौर हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे थे। उन्होंने अपनी बी.ए.एलएल.बी. की डिग्री इंदौर के वैष्णव लॉ कॉलेज से प्राप्त की और उसके पश्चात ओरिएंटल कॉलेज से क्रिमिनोलॉजी विषय में एलएल.एम. की पढ़ाई पूरी की।
सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता
अपनी पढ़ाई के दौरान सुरेंद्र पाल सिंह अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के एक सक्रिय कार्यकर्ता रहे। छात्र जीवन से ही समाज सेवा और नेतृत्व के गुणों के धनी अलावा ने बाद में भारतीय जनता युवा मोर्चा में भी प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है।
प्रशासनिक परंपरा और प्रेरणा
सुरेंद्र पाल सिंह अलावा की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी प्रशासनिक रही है। उनके पिता श्री दुले सिंह अलावा बड़वानी जिले में शासकीय अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। सुरेंद्र पाल सिंह अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पिता की प्रेरणा और परिवार के सहयोग को देते हैं, जिन्होंने उन्हें निरंतर संघर्ष और मेहनत के लिए प्रोत्साहित किया।
समाज में गौरव और सम्मान का माहौल
उनकी इस नियुक्ति को न्याय व्यवस्था में सामाजिक प्रतिनिधित्व की एक सशक्त शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। बड़वानी-निमाड़ सहित पूरे प्रदेश के आदिवासी समाज ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया है। समाज के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि सुरेंद्र पाल सिंह की यह उपलब्धि आदिवासी समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी और उन्हें उच्च लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी।





