बड़वानी की सड़कों पर गूंजा ‘बाल श्रम मुक्त भारत’ का नारा, श्रम विभाग ने रैली निकाल कर व्यापारियों को दी कड़ी चेतावनी

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बड़वानी, 13 मार्च 2026

निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)

​बड़वानी जिले में मासूमों के बचपन को सुरक्षित करने और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। शुक्रवार को श्रम पदाधिकारी कार्यालय के नेतृत्व में टास्क फोर्स के सदस्यों ने शहर के प्रमुख क्षेत्रों में जन जागरूकता रैली निकालकर समाज को जागरूक किया।

दुकानों पर चिपकाए गए ‘बाल श्रम निषेध’ के पोस्टर

​श्रम निरीक्षकों और टास्क फोर्स की टीम ने बस स्टैंड क्षेत्र और राजघाट रोड पर सघन भ्रमण किया। इस दौरान टीम ने केवल रैली ही नहीं निकाली, बल्कि दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जाकर ‘बाल श्रम निषेध है’ के सूचना पटल (पोस्टर्स) भी चस्पा किए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों से काम करवाना कानूनन अपराध है और पकड़े जाने पर भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है।

व्यापारियों को दी कानून की जानकारी

​रैली के दौरान श्रम विभाग के अमले ने व्यापारियों और दुकानदारों को बाल श्रम निषेध अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें समझाया गया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी काम पर रखना और 14 से 18 वर्ष के किशोरों को जोखिम भरे कार्यों में लगाना दंडनीय है।

टास्क फोर्स की पैनी नजर

​प्रशासनिक टास्क फोर्स ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में होटलों, गैरेज और कारखानों में औचक निरीक्षण किया जाएगा। यदि कहीं भी बाल श्रमिक काम करते पाए गए, तो संबंधित नियोजक के विरुद्ध तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बड़वानी जिले को पूरी तरह से बाल श्रम मुक्त बनाना है।