बड़वानी के पीजी कॉलेज में ‘विकसित भारत 2047’ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आगाज शोधकर्ताओं ने सशक्त राष्ट्र निर्माण के लिए दिया विजन

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बड़वानी, 19 फरवरी 2026।

निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)

​प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी में गुरुवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ हुआ। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के प्रायोजन और महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित इस सेमिनार का मुख्य विषय ‘विकसित भारत 2047: सशक्त राष्ट्र’ रखा गया है।

आर्थिक स्थिति और रणनीतिक सुधारों पर जोर

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. विजय कुमार गोनेकर (प्राचार्य, नंदुरबार महाविद्यालय) ने वर्तमान समय की महत्वाकांक्षी योजनाओं और उनकी रणनीति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति ही विकास का सर्वोपरि मापदंड है। भारत के सामने चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन सही सुधारों के माध्यम से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को निश्चित रूप से प्राप्त किया जा सकता है। विशेष अतिथि डॉ. मनोहर सोमानी (कुलसचिव, क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय) ने कृषि, उद्योग, विदेशी मुद्रा और रक्षा क्षेत्र की आपूर्ति जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।

64 शोध पत्रों वाली ‘स्मारिका’ का विमोचन

​इस अवसर पर अतिथियों द्वारा शोध स्मारिका का विमोचन किया गया। डॉ. रविंद्र बरडे ने बताया कि इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए कुल 64 शोध पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें 43 हिंदी और 21 अंग्रेजी में हैं। वाणिज्य संकायाध्यक्ष डॉ. सपना सोनी ने भारत के गौरवशाली इतिहास से लेकर आधुनिक काल तक के आर्थिक सफर को रेखांकित किया। प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने सशक्त भारत के सपने को साकार करने में युवा, महिला और जनजातीय समाज के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

आधुनिक तकनीक और भविष्य की राह

​संगोष्ठी के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना पर गहन मंथन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बलराम बघेल ने किया, स्वागत भाषण संयोजक डॉ. जयराम बघेल ने दिया और आभार डॉ. सीताराम सोलंकी द्वारा व्यक्त किया गया।