बड़वानी, 27 जनवरी 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)
राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 347 B) के निर्माण से अपने घरों और जमीन को बचाने के लिए ग्राम तलून और करी के ग्रामीणों द्वारा किया गया 22 दिनों का ऐतिहासिक आंदोलन एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के बाद ग्रामीणों ने सीधे नागपुर जाकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की, जिन्होंने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए बायपास निर्माण का मौखिक आश्वासन दिया है।
गाँव के बीच से सड़क का था विरोध
पिछले 22 दिनों से ग्रामीण कड़ाके की ठंड में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। उनका विरोध प्रस्तावित मार्ग के गाँव के बीच से गुजरने को लेकर था। ग्रामीणों का तर्क था कि यदि सड़क गाँव के मध्य से निकलती है, तो कई परिवारों के आशियाने उजड़ जाएंगे और भविष्य में भारी वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहेगा।
जब प्रशासन नहीं पसीजा, तो पहुँचे नागपुर
स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के बाद ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने बड़ा फैसला लेते हुए दिल्ली और नागपुर का रुख किया। नागपुर में केंद्रीय मंत्री गडकरी से मुलाकात कर उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और गाँव पर आने वाले संकट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ग्रामीणों ने नक्शे के माध्यम से समझाया कि गाँव के बाहर से बायपास निकालना ही एकमात्र उचित विकल्प है।
मंत्री के आश्वासन से जगी नई उम्मीद
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ग्रामीणों की मांगों को न्यायसंगत मानते हुए बायपास निर्माण का आश्वासन दिया है। हालांकि, अभी लिखित आदेश आना शेष है, लेकिन इस आश्वासन के बाद आंदोलनरत ग्रामीणों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी एकजुटता और सच्चाई की जीत है।
अब क्षेत्र की जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय मंत्री के इस भरोसे के बाद सड़क परिवहन विभाग कब तक बायपास के नए सर्वे और निर्माण की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू करता है।





