बड़वानी, 12 मार्च 2026
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)
राज्यसभा के बजट सत्र के दौरान मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने राष्ट्रीय महत्व के कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन के पटल पर रखा। डॉ. सोलंकी ने सहकारिता के आधुनिकीकरण, भारतीय भाषाओं में शिक्षा के विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ ‘डेयरी क्षेत्र’ के विकास को लेकर केंद्र सरकार से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
सहकारिता: 8.4 लाख समितियों का डेटा अब एक क्लिक पर
डॉ. सोलंकी के प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने बताया कि देश में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पोर्टल शुरू किया गया है। इसमें 8.4 लाख से अधिक सहकारी समितियों और लगभग 31 करोड़ सदस्यों की जानकारी एक मंच पर उपलब्ध है। इसके अलावा, समितियों के कंप्यूटरीकरण के लिए सरकार ने 82.85 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिससे ग्रामीण बैंकिंग और प्रशासन आधुनिक होगा।
शिक्षा: 22 भारतीय भाषाओं में मिलेगी पाठ्य सामग्री
शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. सोलंकी ने भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने का मुद्दा उठाया। शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अब 22 भारतीय भाषाओं में उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षणिक सामग्री तैयार की जा रही है। तकनीकी और उच्च शिक्षा की पुस्तकों का अनुवाद कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि भाषा की बाधा दूर हो सके।
स्कूलों का कायाकल्प और डेयरी विकास
- शिक्षा की नींव: समग्र शिक्षा योजना के तहत वर्ष 2025-26 तक देश भर में 42 हजार अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण और 2 हजार नए स्कूलों को स्वीकृति दी गई है।
- श्वेत क्रांति: डेयरी क्षेत्र की प्रगति पर जानकारी देते हुए मंत्रालय ने बताया कि दिसंबर 2025 तक देश की दूध प्रसंस्करण क्षमता 103.95 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुँच चुकी है, जिससे ग्रामीण आय में भारी वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशक्त हो रहा ग्रामीण भारत
सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने कहा कि इन विषयों को सदन में उठाने का मुख्य उद्देश्य किसानों, विद्यार्थियों और ग्रामीण उद्यमियों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार की इन योजनाओं से सहकारिता आंदोलन को नई गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।




