बड़वानी, 11 मार्च 2026
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)
पवित्र रमजान-उल-मुबारक महीने का दूसरा चरण (अशरा) पूरा होने के साथ ही आज से तीसरा और अंतिम अशरा शुरू हो गया है। ‘जहन्नुम से निजात’ (नर्क से मुक्ति) के इस दौर में मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह की विशेष इबादत में लीन हैं और अपने गुनाहों की माफी मांग रहे हैं।
मस्जिदों में गूंजी रूहानी तकरीरें
शहर की प्रमुख मस्जिदों में तीसरे अशरे की शुरुआत पर विशेष तकरीरें आयोजित की गईं। जामा मस्जिद में हाफिज अब्दुल जब्बार नूरी, बशीरन मस्जिद में हाफिज मो. नवेद व हाफिज अरमान ने हजरत अली की शहादत और उनकी बहादुरी पर रोशनी डाली। वहीं कदीमी, उस्मानिया, सऊद, शाही और रानीपुरा मस्जिदों में उलेमाओं ने इस्लाम के भाईचारे और नेक जिंदगी जीने के सिद्धांतों का संदेश दिया।
शब-ए-कद्र: बरकतों वाली मुकद्दस रात
वरिष्ठ पत्रकार और बुद्धिजीवी हाजी अब्दुल अजीज मंसूरी ने बताया कि इसी तीसरे अशरे में ‘शब-ए-कद्र’ की वह मुकद्दस रात आती है, जो हजार महीनों की इबादत से अफजल मानी गई है। यह रात जहन्नुम के अजाब से छुटकारा दिलाने वाली और बरकतों वाली होती है, जिसमें रात भर जागकर दुआएं मांगी जाती हैं।
प्रशासन और पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था
रमजान के इस मुबारक महीने में शहर की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। नवागत एसपी, कलेक्टर और स्थानीय पुलिस बल (SDOP व अन्य अधिकारी) शहर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सक्रिय हैं। पुलिस अधिकारी असद खान ने इस मौके पर कहा कि रमजान सादगी और बुराइयों से बचने का महीना है। उन्होंने हजरत मोहम्मद साहब के बताए सच्चाई और इंसानियत के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
समाजसेवियों ने दी मुबारकबाद
तीसरे अशरे की शुरुआत पर डॉ. अब्दुल रशीद पटेल, वरिष्ठ समाजसेवी अब्दुल सादिक चंदेरी, शायर आरिफ अहमद शेख इकरा, राष्ट्रीय अध्यक्ष (AIJ) विक्रम सेन और अब्दुल रजाक तिगाले सहित गणमान्य नागरिकों ने समाजजनों को मुबारकबाद पेश की है।






