बड़वानी, 24 जनवरी 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)
बड़वानी नगर स्थित प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमीनाथ जी की मूल वेदी पर पहली बार स्वर्णमई कमलासन स्थापित किया जा रहा है। आगामी माह में मंदिर के शताब्दी वर्ष के शुभारंभ से पूर्व, यह भव्य धार्मिक अनुष्ठान परम पूज्य प्रसन्न मनः प्रणुत सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक विनियोग सागर जी के पावन सानिध्य में संपन्न होगा।
धूमधाम से होगा मुनि संघ का मंगल प्रवेश
आयोजन की शुरुआत 25 जनवरी, रविवार प्रातः मुनि श्री प्रणुत सागर जी महाराज के ससंघ मंगल प्रवेश के साथ होगी। स्थानीय कारंजा चौराहे से भव्य घट यात्रा और शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो नगर के प्रमुख मार्गों—मोतीमाता चौक, महात्मा गांधी मार्ग, रंजीत चौक और झंडा चौक—से होते हुए जैन मंदिर पहुंचेगी। शोभायात्रा में राजस्थान के बांसवाड़ा का प्रसिद्ध बैंड धार्मिक स्वर लहरियां बिखेरेगा।
10 रथों पर सवार होंगे इंद्र-इंद्राणी
शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण 10 भव्य रथ होंगे, जिनमें सौधर्म इंद्र, कुबेर और अन्य पात्र इंद्र की वेशभूषा में सवार होंगे। मंदिर पहुंचने पर ध्वजारोहण के साथ मंडल विधान और अन्य संस्कार अनुष्ठान पंडित नितिन झांझरी एवं प्रतिष्ठाचार्य चक्रेश भैया के निर्देशन में संपन्न होंगे। 26 जनवरी को प्रातः भगवान को पूर्ण विधि-विधान के साथ स्वर्णमई कमलासन पर विराजित किया जाएगा।
इन पुण्यार्जक परिवारों को मिला सौभाग्य
- कमलासन प्रदाता: भगवान नेमीनाथ (पहाड़िया परिवार), भगवान पार्श्वनाथ (आलोक-मनमोहन वेद परिवार), एवं स्वाति-राजेश गोधा परिवार।
- प्रमुख पात्र: सौधर्म इंद्र (सिद्धार्थ-सुधीर पहाड़िया), कुबेर (नवीन-सिद्धार्थ जैन), महा यज्ञनायक (राजेश-फूलचंद गोधा)।
- अन्य इंद्र: ईशान इंद्र (सुरेश काला), महेंद्र इंद्र (जितेंद्र-देवेंद्र गोधा), सनत कुमार इंद्र (सूर्यांश-सार्थक गंगवाल)।
- ध्वजारोहण एवं मंडप: लोकेश-चक्रेश पहाड़िया एवं नरेंद्र-गौरव काला परिवार।
800 वर्ष प्राचीन प्रतिमा का होगा अभिषेक
उल्लेखनीय है कि भगवान नेमीनाथ की यह प्रतिमा लगभग 800 वर्ष प्राचीन है। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गुरुदेव के आशीर्वाद से अब पूरा परिकर नवीन वेदी पर स्वर्ण युक्त कमलासन पर विराजित होगा। समाज जन एवं मनीष जैन ने संपूर्ण निमाड़ और मालवा के धर्मावलंबियों से इस दुर्लभ और स्वर्णिम अवसर का साक्षी बनने की अपील की है।







