कसरावद: जंगल में चल रहे जुआ फड़ पर पुलिस की दबिश, रंगेहाथ दांव लगाते 7 आरोपी गिरफ्तार; नगदी और ताश पत्ते जब्त

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कसरावद 28 मई, 2026 |

निमाड़ दस्तक न्यूज़ (अनीस खान – ब्यूरो रिपोर्ट) ✍️

​जुआ और सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खरगोन पुलिस द्वारा लगातार धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में पुलिस अधीक्षक श्री रविन्द्र वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती शकुंतला रुहल के मार्गदर्शन में कसरावद पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने चंदनपुरी फाटे के पास जंगल में चल रहे एक बड़े जुआ फड़ पर औचक दबिश देकर 7 आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा

​थाना प्रभारी कसरावद निरीक्षक राजेंद्र बर्मन ने बताया कि बुधवार, 27 मई 2026 को पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी कि चंदनपुरी फाटे के पास जंगल क्षेत्र में कुछ व्यक्ति ताश के पत्तों पर रुपयों-पैसों की हार-जीत का दांव लगाकर अवैध रूप से जुआ खेल रहे हैं।

​सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी द्वारा तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और पंचों को साथ लेकर मौके पर रवाना हुए। पुलिस टीम ने सूझबूझ से जंगल में घेराबंदी की और जुआ खेल रहे कुल 7 आरोपियों को मौके से रंगेहाथ दबोच लिया। पुलिस ने जुआ फड़ और आरोपियों के कब्जे से कुल 16,410 रुपए नगद और 52 ताश के पत्ते बरामद किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ थाना कसरावद में धारा 13 जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

पकड़े गए आरोपियों के नाम:

  1. मंगुसिंह पिता भारत गवली (उम्र 40 वर्ष), निवासी- चंदनपुरी
  2. जानिफ पिता मजिद खान (उम्र 40 वर्ष), निवासी- चंदनपुरी
  3. राहुल उर्फ चेतन पिता मोहन (उम्र 32 वर्ष), निवासी- सैलानी
  4. दीपक पिता नाना तोमर (उम्र 37 वर्ष), निवासी- सैलानी
  5. मिथुन पिता गंगाराम सोलंकी (उम्र 32 वर्ष), निवासी- सैलानी
  6. प्रभु पिता गेंदालाल नहाल (उम्र 42 वर्ष), निवासी- सैलानी
  7. दीपक पिता कैलाश पंवार (उम्र 32 वर्ष), निवासी- सैलानी

इस टीम का रहा सराहनीय योगदान

​अवैध जुआरियों के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मण्डलेश्वर सुश्री श्वेता शुक्ला के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र बर्मन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अजय भाटिया, प्रधान आरक्षक मनोहर, भावसिंह, महेश मालवीय तथा आरक्षक हरिओम कौशिक, महेन्द्र ठाकुर, सौरभ बघेल, राकेश चौहान, बुदन कटारे और रघुनाथ का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।