आलीराजपुर 2 जून, 2026 |
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (रफीक कुरैशी – ब्यूरो रिपोर्ट) ✍️
मध्यप्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर आलीराजपुर जिले के लगभग 400 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित और न्यायसंगत मांगों को लेकर मंगलवार, 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल का शंखनाद कर दिया है। इस सामूहिक कार्य बहिष्कार के चलते जिले की प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य संस्थाओं और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन पर सीधा असर पड़ने लगा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
नियमितीकरण और वेतन विसंगति को लेकर आर-पार की लड़ाई
हड़ताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) सहित स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं के अंतर्गत कार्यरत डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO), और बाबू वर्ग के कर्मचारी शामिल हैं। आंदोलनकारी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का साफ कहना है कि वे वर्षों से अपनी जान जोखिम में डालकर स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन में रीढ़ की हड्डी की तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक नियमित कर्मचारियों के समान न तो सम्मानजनक वेतन मिल रहा है, न सेवा सुरक्षा और न ही अन्य मूलभूत सुविधाएं।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं कर्मचारी:
- संविदा प्रथा को समाप्त कर सभी संविदा कर्मचारियों का तत्काल नियमितीकरण किया जाए।
- नियमित कर्मचारियों के समकक्ष 90% वेतनमान या समान कार्य-समान वेतन की नीति लागू कर वेतन विसंगतियों का त्वरित निराकरण हो।
- कर्मचारियों को पूर्ण सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि निष्कासन का भय समाप्त हो सके।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन होगा और उग्र: डॉ. अमित बघेल
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला इकाई आलीराजपुर के जिलाध्यक्ष डॉ. अमित बघेल ने शासन और प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि संविदा कर्मचारी अब खोखले आश्वासनों के झांसे में आने वाले नहीं हैं। यदि शासन स्तर पर उनकी जायज मांगों को लेकर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी।
पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर संविदा कर्मियों की समस्याओं का स्थाई समाधान निकालें, ताकि आम जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं जल्द से जल्द बहाल हो सकें और अस्पताल की व्यवस्थाएं पुनः सुचारू रूप से संचालित हो सकें।




