बड़वानी 28 मई, 2026 |
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट) ✍️
त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश देने वाला पवित्र पर्व ईदुज्जहा गुरुवार को बड़वानी शहर सहित पूरे अंचल में बेहद उल्लास, अकीदत और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही शहर की फिजाओं में “ईद मुबारक” की गूंज सुनाई देती रही। पाटी रोड स्थित मुख्य ईदगाह सहित शहर की विभिन्न मस्जिदों में हजारों की संख्या में मुस्लिम समाजजनों ने एकत्र होकर विशेष नमाज अदा की। इस दौरान देश-प्रदेश में अमन-चैन, खुशहाली, तरक्की और आगामी सीजन में बेहतर बारिश के लिए बारगाहे-इलाही में हजारों हाथ दुआ के लिए उठे।
ईदगाह में सुबह 8 बजे अदा हुई मुख्य नमाज, दीनी उलेमाओं ने दिया इंसानियत का संदेश
सुबह 7:00 बजे से ही समाजजनों का ईदगाह पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। सुन्नत मुस्लिम जमात के शहर सदर एडवोकेट कय्यूम कुरैशी की सदारत में सुबह 8:00 बजे ईदगाह पर मुख्य नमाज की प्रक्रिया शुरू हुई। सबसे पहले मौलाना अब्दुल जब्बार जूरी साहब ने जमीयत का ताऊन कराया, जिसके बाद मौलाना हबीबुद्दीन साहब ने मौजूद अकीदतमंदों को नमाज का तरीका समझाया। हाफिज सैयद रफीक साहब ने ईदुज्जहा की विशेष नमाज अदा करवाई। नमाज के बाद मौलाना असगर अली साहब ने खुतबा पेश करते हुए समाज को इंसानियत, भाईचारे, आपसी सौहार्द और जरूरतमंदों की बढ़-चढ़कर मदद करने का संदेश दिया।
जामा मस्जिद में 2 चरणों में हुई नमाज, जिला जेल में भी पहुंचे समाजजन
मुख्य ईदगाह के अलावा एमजी रोड स्थित जामा मस्जिद में उन अकीदतमंदों के लिए नमाज की विशेष व्यवस्था की गई जो समय पर ईदगाह नहीं पहुंच सके थे। जामा मस्जिद में 2 चरणों में क्रमशः सुबह 8:30 बजे और 9:00 बजे नमाज अदा कराई गई। इसके अलावा बड़वानी जिला जेल में भी निरुद्ध बंदियों के लिए विशेष नमाज का आयोजन किया गया। नमाज संपन्न होने के बाद ईदगाह और मस्जिदों के बाहर समाजजनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा गया, जो नए कपड़ों में सजे-धजे नजर आए।
सुरक्षा को लेकर मुस्तैद रहा प्रशासन, दिनभर चला मेल-मुलाकातों का दौर
त्योहार के दौरान शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन सुबह से ही पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील चौराहों और नमाज स्थलों के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और समाजजनों को पर्व की बधाई दी। नमाज के बाद दिनभर लोगों के घरों पर मेहमाननवाजी और मेल-मुलाकात का दौर चलता रहा, जिससे त्यौहार की रौनक और बढ़ गई।







