आलीराजपुर 02 मई, 2026 |
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (रफीक कुरैशी – ब्यूरो रिपोर्ट)
आलीराजपुर। पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह के मार्गदर्शन में थाना कट्ठीवाड़ा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के संवेदनशील मामले में तत्परता दिखाते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को महज 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।
शादी समारोह में सो रही नाबालिग को बनाया निशाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता 25 अप्रैल 2026 को थाना कट्ठीवाड़ा क्षेत्र के ग्राम कुहाँ में अपने रिश्तेदार के यहाँ एक विवाह समारोह में शामिल होने आई थी। देर रात करीब 3:30 बजे, जब वह सो रही थी, तभी आरोपी रितेश उर्फ रीनू (20 वर्ष) और जुबटिया (25 वर्ष) ने उसे जान से मारने की धमकी देकर अपनी हवस का शिकार बनाया। शोर सुनकर जब एक ग्रामीण मौके पर पहुँचा, तो दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए।
पुलिस ने गठित की विशेष टीम
घटना से डरी-सहमी पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने माता-पिता को आपबीती सुनाई। इसके बाद 1 मई 2026 को थाना कट्ठीवाड़ा में आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 62/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल एवं एसडीओपी जोबट अश्विनी कुमार के पर्यवेक्षण में निरीक्षक दिनेश सोलंकी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
घेराबंदी कर आरोपियों को दबोचा
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर संभावित ठिकानों पर दबिश दी। कड़ी घेराबंदी करते हुए पुलिस ने 1 मई को ही दोनों आरोपियों रितेश उर्फ रीनू पिता जगलिया कनेश एवं जुबटिया पिता नेरसिंह तोमर (निवासी ग्राम कुहाँ) को गिरफ्तार कर लिया।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
आरोपियों को दबोचने में निरीक्षक दिनेश सोलंकी, उपनिरीक्षक माधुसिंह हाडा, महिला उपनिरीक्षक ज्योति डामोर, एएसआई हिम्मत सिंह, प्रधान आरक्षक चंद्रसिंह एवं आरक्षक अंकित, अनिल, विकास, दलसिंह और जितेंद्र का विशेष योगदान रहा।




