आलीराजपुर: हजरत राजे मोहम्मद शानी सरकार का 24वां उर्स संपन्न; चादरपोशी के बाद सूफियाना कलामों से महफिल में बरसी रूहानियत

शेयर करे

आलीराजपुर, 30 अप्रैल 2026। निमाड़ दस्तक न्यूज़ (रफीक कुरैशी – ब्यूरो रिपोर्ट) ✍️

कौमी एकता के प्रतीक और गुलशन-ए-कादरियत हजरत सैयदो-सादात राजे मोहम्मद शानी सरकार उर्फ राजू बाबा (र.अ.) का 24वां दो दिवसीय उर्स अकीदत और शानो-शौकत के साथ मनाया गया। इस रूहानी आयोजन में गुजरात और मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में जायरीन आलीराजपुर पहुँचे और मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआएं कीं।

शानदार जुलूस और आस्ताने पर अकीदत के फूल

उर्स के अवसर पर बुधवार शाम जामा मस्जिद चौक से ‘चंदल-चादर’ का विशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस में सादात किराम फूलों की टोकरी और मुकद्दस चादर सिर पर रखकर चल रहे थे। राजस्थान के मशहूर ‘राजे शानी बैंड’ ने कव्वालियों की धुन से समां बाँध दिया, वहीं कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। कब्रिस्तान स्थित आस्ताना-ए-ओलिया पर चादरपोशी के बाद सामूहिक दुआ की गई।

सूफियाना महफिल में झूमे जायरीन: रात्रि में ‘महफिल-ए-शमा’ का आयोजन हुआ, जिसमें राजस्थान के मशहूर फनकार शब्बीर सदाकत साबरी ने एक से बढ़कर एक सूफियाना और निस्बती कलाम पेश किए। नाते रसूल और औलिया-ए-किराम की शान में पढ़े गए कलामों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गुरुवार सुबह ‘महफिल-ए-रंग’ और लंगर के साथ उर्स का समापन हुआ।

इनकी रही जेरे सरपरस्ती और निगरानी:

उर्स का आयोजन पीर-ए-तरीकत शहर काजी सैयद अफजल मियां बाबा एवं सैयद फरीद मियां बाबा की सरपरस्ती में हुआ। गादी नशीन हाजी पीर सैयद जमालुद्दीन बाबा रहे। पूरी व्यवस्था की निगरानी सैयद आरिफ मियां, हाजी सैयद हनीफ मियां, सैयद अबुल हसन बाबा, सैयद अशफाक मियाँ और सैयद मोहसिन मियाँ ने की।