आलीराजपुर, 30 मार्च 2026।
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (रफीक कुरैशी – ब्यूरो रिपोर्ट) ✍️
आलीराजपुर जिले की राजनीति में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक समीक्षा बैठक के दौरान सत्ताधारी दल के ही प्रमुख चेहरों की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए। प्रदेश की कैबिनेट एवं जिले की प्रभारी मंत्री संपतिया उइके की उपस्थिति के बावजूद भाजपा के सांसद, मंत्री एवं संगठन के कई जिम्मेदार नेताओं का बैठक से नदारद रहना शहर में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।
समन्वय की कमी पर विधायक सेना पटेल का तीखा हमला
इस पूरे घटनाक्रम पर जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जहां एक ओर समीक्षा बैठक में विधायक सेना महेश पटेल स्वयं मौजूद रहे, वहीं दूसरी ओर भाजपा के प्रमुख जनप्रतिनिधियों का बैठक में न आना प्रशासनिक गलियारों में ‘प्रभारी मंत्री के अपमान’ के तौर पर देखा जा रहा है। विधायक सेना पटेल ने सीधे तौर पर भाजपा नेताओं पर अपनी ही सरकार और प्रशासन के साथ तालमेल बिठाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री की गरिमामयी मौजूदगी में इन नेताओं की दूरी गंभीर आंतरिक असंतोष और कमजोर समन्वय का स्पष्ट संकेत है।
विकास कार्यों पर पड़ सकता है विपरीत असर
विधायक सेना पटेल ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि ही सरकार और प्रशासन के साथ सामंजस्य नहीं बिठा पाते, तो इसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस आपसी खींचतान और तालमेल की कमी के कारण महत्वपूर्ण निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाता।
राजनीतिक गलियारों में शुरू हुई नई बहस
प्रशासनिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही इस बैठक में भाजपा नेताओं की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। जानकार इसे भाजपा के अंदरूनी मतभेद और संगठन में समन्वय की भारी कमी के रूप में देख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस सियासी खींचतान का जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और विकास की गति पर क्या असर पड़ता है।




