आलीराजपुर 29 मई, 2026 |
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (रफीक कुरैशी – ब्यूरो रिपोर्ट) ✍️
जिले की जोबट तहसील के अंतर्गत ग्राम थापली से इंसानियत और जनसेवा को गौरवान्वित करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ गंभीर बीमारी से जिंदगी की जंग लड़ रहे एक गरीब ग्रामीण की मदद के लिए आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल संकटमोचक बनकर आगे आए हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार की बेबसी को देखते हुए तत्काल एक लाख रुपये की बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान की है।
स्वास नली में गंभीर संक्रमण, 3 लाख का खर्च बना मुसीबत
जानकारी के अनुसार, ग्राम थापली निवासी मुनसिंह गाडरिया इन दिनों एक बेहद गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी स्वास नली (विंडपाइप) में गंभीर संक्रमण हो चुका है, जिसके पूर्ण उपचार के लिए लगभग 3 लाख रुपये के भारी-भरकम खर्च की आवश्यकता है। मुनसिंह का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है, जिसके कारण इतना बड़ा खर्च उठाना उनके लिए नामुमकिन साबित हो रहा था और इलाज के अभाव में मरीज की जान पर बन आई थी।
महेश पटेल ने संभाला मोर्चा; बोले— प्रशासन नहीं जागा, तो पूरा खर्च मैं उठाऊंगा
जैसे ही इस बात की भनक आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल को लगी, उन्होंने तुरंत संवेदनशीलता और मानवता का परिचय देते हुए पीड़ित परिवार से मुलाकात की। श्री पटेल ने मौके पर ही:
- नगद सहायता: मुनसिंह के इलाज के लिए तुरंत 1 लाख रुपये की नगद आर्थिक मदद परिवार को सौंपी।
- विधायक निधि: इसके साथ ही जोबट विधायक की स्वेच्छानिधि से 25 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि स्वीकृत करवाने की घोषणा की।
- प्रशासन से मांग: उन्होंने आलीराजपुर जिला कलेक्टर से भी पुरजोर मांग की है कि शासन स्तर पर इस पीड़ित परिवार को ‘रेडक्रॉस’ या अन्य योजनाओं से हरसंभव त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए।
महेश पटेल ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए स्पष्ट कहा कि यदि किसी कारणवश प्रशासन की ओर से पर्याप्त मदद नहीं मिल पाती है, तो मुनसिंह गाडरिया के इलाज का पूरा का पूरा खर्च वे स्वयं व्यक्तिगत रूप से वहन करेंगे, लेकिन इलाज में कोई कमी नहीं आने देंगे।
क्षेत्र में हो रही मानवीय कार्य की चौतरफा प्रशंसा
महेश पटेल के इस त्वरित और मानवीय कदम की जोबट सहित पूरे आलीराजपुर जिले में जमकर सराहना हो रही है। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और आमजन का कहना है कि आज के दौर में जब इलाज के अभाव में गरीब दम तोड़ देते हैं, ऐसे समय में किसी जरूरतमंद के पीछे चट्टान की तरह खड़े होना ही सच्ची जनसेवा और इंसानियत का सबसे बड़ा उदाहरण है। पटेल का यह ऐतिहासिक सहयोग न केवल एक गरीब परिवार के लिए जीवन की नई उम्मीद लेकर आया है, बल्कि समाज को भी परोपकार का एक बड़ा संदेश दे रहा है।





