बड़वानी 10 मई, 2026 |
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट) ✍️
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्व थैलेसीमिया दिवस के उपलक्ष्य में थैलेसीमिया और सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से दो दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान जिला अस्पताल में आयोजित संगोष्ठी और रक्तदान शिविर में समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य थैलेसीमिया पीड़ितों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों के लिए रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना था।
सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने किया शिविर का शुभारंभ
अभियान की शुरुआत सांसद गजेंद्र सिंह पटेल द्वारा सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण और रक्तदान शिविर के शुभारंभ के साथ हुई। सेंधवा की सुभाष चंद्र बोस रक्तदान समिति के अशोक राठौड़ और उनकी टीम के सहयोग से इस आयोजन को व्यापक स्तर पर सफल बनाया गया। शनिवार को जिला चिकित्सालय में आयोजित संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने थैलेसीमिया और सिकल सेल जैसी बीमारियों से बचाव और समय पर उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला।
समाजसेवा की अनूठी तस्वीरें: भिक्षावृत्ति करने वाले जोड़े ने भी किया रक्तदान
इस शिविर में रक्तदान के प्रति नागरिकों में गजब का रुझान देखा गया। अंजड़ के सेफी फाउंडेशन के समाजसेवी जोएब भाई ने 40वीं बार रक्तदान कर समाज के सामने एक उदाहरण पेश किया। वहीं, मानवता की एक प्रेरक तस्वीर तब सामने आई जब सड़कों पर भिक्षा मांगकर जीवन यापन करने वाले गोलू नाथ ने अपनी पत्नी के साथ पहली बार रक्तदान किया। नोडल अधिकारी डॉ. अतुल राठौड़ ने भी अपनी धर्मपत्नी के साथ रक्तदान कर टीम का उत्साहवर्धन किया। पहली बार रक्तदान करने वालों में गीता शर्मा, गुरमीत कौर, इमरान, नाजिया और याकूब जैसे नाम शामिल रहे।
18 से अधिक सामाजिक संस्थाओं ने मिलाया हाथ
इस पुनीत कार्य में जिला रक्तकोष टीम, रेड क्रॉस सोसाइटी, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, जयस रक्तदान समिति और मानव सेवा समिति सहित 18 से अधिक सामाजिक संस्थाओं ने सक्रिय योगदान दिया। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के जिलाध्यक्ष अब्दुल सादिक चंदेरी ने समाजसेवी अजीत जैन और अब्दुल रजाक तिगाले के साथ मिलकर सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रक्तदान को लेकर जागरूकता की यह लहर निरंतर जारी रहनी चाहिए।








