बड़वानी 26 मई, 2026 |
निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट) ✍️
हाल ही में विहाररत जैन आर्यिका माताजी संघ के साथ हुई दुखद और हृदय विदारक घटना को लेकर सकल दिगंबर जैन समाज में गहरी वेदना और आक्रोश व्याप्त है। घटना में पूज्य आर्यिकाओं के असामयिक निधन को लेकर समाज ने गहरी आशंका व्यक्त की है। इस संबंध में जैन समाज द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच और देश में ‘राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति’ लागू करने की पुरजोर मांग की गई है।
दुर्घटना नहीं, षड्यंत्र की आशंका; सीबीआई या एसआईटी जांच की मांग
ज्ञापन में समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध तथ्यों और सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियो क्लिपों के आधार पर यह मामला सिर्फ एक साधारण सड़क दुर्घटना प्रतीत नहीं होता। समाज में इसे लेकर कई गंभीर शंकाएं और चिंता का माहौल है। जैन समाज ने प्रशासन से निम्नलिखित प्रमुख मांगें पुरजोर तरीके से उठाई हैं:
- उच्चस्तरीय न्यायिक जांच: इस पूरे हृदय विदारक प्रकरण की निष्पक्षता के लिए एसआईटी (SIT) या सीबीआई (CBI) से उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए।
- साक्ष्यों की सुरक्षा: घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, वीडियो क्लिपिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित किया जाए।
- कठोरतम कार्रवाई: यदि जांच में किसी भी प्रकार के सुनियोजित कृत्य या आपराधिक षड्यंत्र के तथ्य सामने आते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कठोरतम धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
“संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” और राष्ट्रीय नीति की आवश्यकता
जैन समाज ने सरकार का ध्यान दिलाते हुए कहा कि जैन साधु-संत पूर्णतः निहत्थे, अहिंसक और आजीवन पैदल विहार करने वाले परम तपस्वी होते हैं। वे किसी भी प्रकार की वीआईपी सुरक्षा या आधुनिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते और समाज में केवल शांति, संयम व अहिंसा का संदेश देते हैं। ऐसे त्यागी संतों के साथ देश भर में लगातार बढ़ रही दुर्घटनाएं और हमले संपूर्ण समाज के लिए अत्यंत चिंता का विषय हैं। इसके समाधान के लिए सरकार तुरंत “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करे, जिसके तहत विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस का अनिवार्य सहयोग सुनिश्चित किया जा सके।
संवैधानिक मर्यादाओं के साथ न्याय की गुहार
ज्ञापन सौंपने के दौरान जैन समाज के प्रबुद्ध जनों ने कहा कि जैन समाज सदैव शांति, अहिंसा, देश के कानून और संवैधानिक मर्यादाओं में अटूट विश्वास रखता है। हमारा उद्देश्य किसी भी प्रकार का सामाजिक तनाव उत्पन्न करना नहीं है, बल्कि अपने पूज्य संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। समाज को पूर्ण विश्वास है कि सरकार और प्रशासन इस बेहद संवेदनशील विषय को पूरी गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाएगा। इस दौरान सकल दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा संगठन, महिलाएं और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।







