बड़वानी: मोबाइल-डाटा और 3 माह से बकाया भुगतान की मांग, आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन; दी हड़ताल की चेतावनी

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बड़वानी 22 मई, 2026 |

निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट) ✍️

​कलेक्टर कार्यालय बड़वानी में शुक्रवार को आशा-ऊषा महिला संगठन संघ की प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती नर्मदा ठाकरे के निर्देशन में जिला अध्यक्ष एवं संगठन की कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित प्रोत्साहन राशि और अन्य आवश्यक मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगी।

प्रत्येक माह की 5 तारीख तक हो नियमित भुगतान

​संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं को पिछले 3 महीनों से प्रोत्साहन राशि और बकाया राशि का भुगतान नहीं मिला है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई 1500 रुपए की राशि का एरियर सहित तुरंत भुगतान किया जाए। साथ ही प्रोत्साहन राशि और एक्टिविटी राशि का हर महीने की 5 तारीख तक नियमित रूप से भुगतान सुनिश्चित किया जावे। कार्यकर्ताओं ने यह भी मांग रखी कि उन्हें किए जाने वाले भुगतान राशि की बाकायदा स्लिप (पर्ची) भी दी जाए।

मोबाइल-डाटा और दुर्घटना बीमे सहित रखी ये प्रमुख मांगें:

  • घोषणा का एरियर: वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई वार्षिक वृद्धि की घोषणा का एरियर सहित तुरंत भुगतान हो।
  • संसाधनों की उपलब्धता: फील्ड वर्क को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं को एंड्रॉइड मोबाइल और इंटरनेट डाटा उपलब्ध कराया जाए।
  • सुरक्षा और सहायता राशि: ड्यूटी के दौरान किसी आशा-ऊषा कार्यकर्ता की दुर्घटना में घायल होने पर 1 लाख रुपए एवं असमय मृत्यु होने पर परिजनों को 10 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाए।

मांगें पूरी न होने पर ठप करेंगी काम

​ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया कि ज़मीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। यदि शासन-प्रशासन ने जल्द ही इस ओर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो जिलेभर की आशा-ऊषा बहनें काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी। इस अवसर पर आशा-ऊषा संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं भारी संख्या में महिला कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहीं।